मुद्दों से भटकती कांग्रेस
9 हजार करोड़ का कर्ज लेकर भागे विजय माल्या ने
भागने से पहले तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ तथाकथित अनौपचारिक
मुलाक़ात की बात क्या कही, पूरी कांग्रेस पार्टी हाय-तौबा मचाने पर उतर आई। खासकर
राहुल गाँधी इस मुद्दे पर वित्त मंत्री के बहाने प्रधानमंत्री को घेरने का कोई
मौका नही छोड़ रहे है। लेकिन, कांग्रेस अध्यक्ष को कोई तो ये समझाए कि 2016 में जब
माल्या देश से भागा, तब वह राज्यसभा सांसद था और किसी भी सांसद का देश के किसी भी
मंत्री से संसद परिसर में चलते-चलते यूँ ही मिल जाना, और वो भी अनौपचारिक रूप से,
कोई बड़ी बात नहीं। कांग्रेस यह कैसे भूल गई कि माल्या को कर्ज दिया किसने था ? जब भी मोदी सरकार विपक्ष द्वारा किसी मुद्दे पर घिरती दिखाई पड़ती
है, तभी बाजार में कोई न कोई ऐसा मुद्दा उछलकर सामने आता है, जो विपक्ष को मूल
मुद्दे से भटका जाता है। रुपये की गिरावट और पैट्रोल-डीजल के कीमतों के बीच इस
मुद्दे का आना एक ताजा उदाहरण है। मेरे ख्याल से कांग्रेस को चाहिए कि वह नोटबंदी
की विफलता, रुपये की गिरावट, पैट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, किसानों की दुर्दशा,
बेरोजगारी इत्यादि जैसे ठोस मुद्दे पर मोदी सरकार पर लगातार जकड़ बनाए रखे।
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